धर्म चन्द सारस्वत संस्थान देराजसर दूल्हे ने पेश की मिसाल, बिना दहेज के शादी, एक रुपया और नारियल ले घर लाया दुल्हन।
सिटी एक्सप्रेस न्यूज ।देराजसर (बीकानेर)।बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ उपखंड के देराजसर गांव में दूल्हे ने बिना दहेज शादी कर समाज के लिए एक मिसाल प्रस्तुत की। ससुराल पक्ष से केवल एक रुपया और नारियल लेकर दुल्हन को विदा कराकर घर लाया। दूल्हे की इस फैसले की तारीफ हो रही है।
दुल्हे दीपक ने गत 9 फरवरी 2023 को देराजसर गांव के शिवनारायण सारस्वा के पुत्र ओमप्रकाश सारस्वा की एकलौती बेटी कोमल के साथ रचाए विवाह में शुगन के तौर पर एक रुपया और नारियल लेकर एक मिसाल कायम की है। दरअसल, चूरू शहर के दिनेश उपाध्याय के पुत्र दीपक शुरु से ही लड़कियों को उच्च शिक्षा देने का हिमायती रहा है। साथ ही दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या और नशे जैसी बुराइयों का कड़ा विरोधी रहा। जब उसके रिश्ते की बात देराजसर गांव निवासी ओमप्रकाश सारस्वा की पुत्री कोमल के साथ चली तो उसने पहले ही दहेज न लेने की बात स्पष्ट कर दी।
*बेटा से पिता भी काफी प्रभावित, मानी बात* दीपक ने कहा कि एक उच्च शिक्षित व गुणवान युवती से उसका विवाह होना ही उसके लिए सबसे बड़ा दहेज होगा। दीपक की इस बात से उसके पिता दिनेशजी उपाध्याय और ताऊ महेशजी उपाध्याय भी राजी थे। दामाद की दृढ़ इच्छा को भांपते हुए ओमप्रकाश सारस्वा भी बगैर दहेज शादी के लिए राजी हो गए। देराजसर में सादगी से संपन्न हुए दीपक व कोमल के विवाह समारोह में नवदंपती को आशीर्वाद देने के लिए बड़ी संख्या में समाज के लोग भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि दीपक द्वारा बगैर दहेज शादी समाज के लिए गर्व की बात होने के अलावा एक मिसाल बन गई है। समाज में इस तरह की शादियां होना अच्छी पहल है।




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