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राजस्थान में कोइन किंग के नाम से मशहूर है भाई श्याम सुंदर सधनानी ब्यावर शहर के नाम को भी किया गौरवान्वितदर्जनों अवार्ड से सम्मानित , लिम्का बुक अवार्ड से भी है अभिनंदितपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी सधनानी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की ।


उमेश कुमार मोदी। सिटी एक्सप्रेस न्यूज।ब्यावर ।वैसे देखा जाए तो इस चराचर युग में कोई भी व्यक्ति अपने निष्काम कर्म की बदौलत ऊंचाई के चरम बिंदु पर पहुंच ही जाता है निसंदेह कलमकार का दृष्टांत आज एक ऐसे व्यक्ति की ओर संकेत कर रहा है जिन्होंने अपने निष्काम कर्म से ऊंचाइयों के शिखर रूपी ताज से तिरोहित हुए हैं साथ ही अपने नाम के साथ अपने शहर के नाम को भी गौरवान्वित किया है बिल्कुल लेखनी का संकेत निष्काम कर्म के धनी भाई श्यामसुंदर सधनानी की ओर है जिन्होंने अपनी कर्मस्थली से एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसकी बदौलत स्वयं के नाम के साथ शहर का नाम भी गौरवान्वित किया है प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिन पूर्व राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने ब्यावर के श्यामसुंदर सधनानी को लार्जेस्ट कलेक्शन ऑफ कोईन के सर्टिफिकेट का लोकार्पण किया साथ ही श्याम सुंदर के इस अद्भुत शौक की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है ।
विश्व के 515 देशों के सिक्के एकत्रित किए --जानकारी के अनुसार पेशे से बर्तन व्यवसाई श्याम भाई को विद्यार्थी जीवन से ही सिक्के के प्रति लगाव रहा है 35 वर्षो के अथक मेहनत एवं प्रयासों के परिणाम स्वरूप उन्होंने विश्व भर के 515 देशों के नए पुराने सिक्के एकत्रित कर अपना नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज करवाया है ।
प्राचीन से नूतन तक के सिक्कों का अद्भुत कलेक्शन ---श्याम भाई ने प्राचीन से नूतन तक अद्भुत सिक्कों का कलेक्शन किया है इनके कलेक्शन में एलेक जेंडर , नेपोलियन बोनापार्ट ,जॉर्ज वाशिंगटन, नेल्सन मंडेला, रानी एलिजाबेथ, अकबर बादशाह सहित कई मुगल बादशाह, रोमन,यूनान सभ्यता के सिक्के शामिल है।
ब्रिटिश इंडिया के द्वारा जारी एक,दो,पांच, दस व सौ रुपए के नोट एवं भारत सरकार द्वारा जारी किए गए स्मारक सिक्के जो 25, 50, 60, 100, 125, 150, 200, 400,500, 550 ₹,1000 रुपए वर्ग मूल्य के सिक्के इनके कनेक्शन के शोभा बढ़ाते हैं  
सिक्कों के कई रिकॉर्ड में नाम दर्ज ---
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्याम भाई का सिक्कों के कई रिकॉर्ड में नाम इंद्राज है जैसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड ,गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड , एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड साथ ही वर्ष 2014 में श्याम भाई उपखंड स्तर पर तथा वर्ष 2016 में जिला स्तर पर भी सम्मानित हो चुके हैं

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