गणगौर का पर्व भारतीय हिंदू महिलाओं में सुहाग का सबसे बड़ा पर्वमहिलाओं के लिए गणगौर का पूजन अखंड सुहाग की कामना है।
उमेश कुमार मोदी। सिटी एक्सप्रेस न्यूज। ब्यावर।वैसे देखा जाए तो भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर समय-समय पर विभिन्न प्रकार के पर्व और उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाते हैं निसंदेह यदि हम गणगौर के पर्व की बात करें तो भारतीय हिन्दू महिलाओं में सुहाग का सबसे बड़ा व अनूठा पर्व है इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति व जीवनसाथी के स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए भगवान शिव व त पार्वती की पूजा कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करती है साथ ही विवाहित महिलाएं सोलह श्रृंगार करके सुहाग के आभूषणों के साथ सामूहिक रूप से पूजा करती है और पारम्परिक मांगलिक गीत गाकर मंगलमय जीवन हेतु कामना करती है सामाजिक परंपराओं की यदि बात करें तो महिलाओं के लिए यह पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है ।
गणगौर की तीज अर्थात् चैत्र छ शुक्ला तृतीया के दिन यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। मेहंदी व हल्दी की रस्म निभाने के साथ ही गणगौर पर सुबह - सुबह विशेष श्रृंगार कर युवतियां व महिलाएं उद्यान में जाकर जैलें लाती हैं और मंगलगीत गाते हुए परिलक्षित दिखाई देती है इस दिन सामूहिक पूजा अर्चना के पश्चात गणगौर की कथा सुनकर शिव- पार्वती से अपने सुहाग की दीर्घायु की कामना भी करती है वहीं दूसरी ओर अविवाहित युवतियां अपने लिए योग्य वर की कामना से पूजा करती है शुक्रवार को गणगौर उद्यापन के कार्यक्रम आयोजन देशभर में महिलाओं के द्वारा किया गया वास्तव में गणगौर का पर्व महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।




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