इक्कीस दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण का उदघाटन समारोह केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान।
बीकानेर के तत्वावधान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित 21 दिवसीय (दिनांक ३० जनवरी से 19 फरवरी 2024 तक) शीतकालीन प्रशिक्षण ‘किसानो की आय बढाने के लिए संभावित शुष्क बागवानी फसलो में तकनीकी हस्तक्षेप’ का आज उदघाटन समारोह का आयोजन किया गया। इसमें देश के नौ राज्यों के प्रशिक्षणार्थी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानों, विभिन्न राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों के 25 कृषि वैज्ञानिक भाग ले रहे है।
इस समारोह के मुख्य अतिथि प्रो.ए.के. गहलोत, पूर्व कुलपति राजूवास, बीकानेर और सम्मानित अतिथि प्रो. बलराज सिंह, कुलपति श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर रहे है। प्रो.ए.के. गहलोत ने प्रदेश में शुष्क सब्जी वर्गीय फसलो में प्राकृतिक रूप से इनको सुखाकर लम्बे समय तक उपयोग में लाने में अग्रणी भूमिका के बारे में प्रकाश डाला। यह प्रशिक्षण तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से किसानो की आय बढाने में उपयोगी सिद्ध होगा। प्रो. बलराज सिंह ने बागवानी फसलो के सुधार एवं संस्थान की तकनीकियों के विस्तार के लिए यह शीतकालीन प्रशिक्षण बहुत ही महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने देश की बागवानी (अनार किन्नो नीबू)और तेलीय फसलो में राजस्थान की महत्वपूर्ण भागीदारी पर प्रकाश डाला। संस्थान के डॉ. धुरेन्द्र सिंह, अध्यक्ष ने प्रेच्छाग्रह में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश राणे ने कहा कि यह प्रशिक्षण विभिन्न राज्यों से आये हुए वैज्ञानिको को बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगा और साथ ही शुष्क बागवानी की नवीन तकनीकियों के माध्यम से फलों एंव सब्जियों के व्यावसायीकरण में सहायता मिलेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के निदेशक डॉ. बालू राम चौधरी ने प्रशिक्षण में भाग ले रहे सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए इस शीतकालीन प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से बताया । कार्यक्रम के अंत में डॉ. रामकेश मीणा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।




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