प्रेम और उल्लास के साथ मनाई दिवाली, छोटी काशी की परंपराओं की झलक।
बीकानेर।दीपावली के पर्व पर बीकानेर ने एक बार फिर यह साबित किया कि वह केवल भुजिया और रसगुल्ला के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान के लिए भी जाना जाता है। शहर में प्रेम, उल्लास और सौहार्द के माहौल में दिवाली मनाई गई, जिसने छोटी काशी की पारंपरिक पहचान को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
बीकानेर में दिवाली केवल रोशनी और मिठाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं का उत्सव भी है। शहर के लोग आज भी इन परंपराओं को संजोए हुए हैं। ऐसा ही नजारा देखने को मिला आचार्यों की घाटी, उस्तो की बारी के अंदर हिंद गली में, जहां मोहल्लेवासियों ने एकजुट होकर दीपावली का पर्व मनाया।
सभी ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं, मिलजुलकर भोजन किया और पटाखे जलाए। यह दृश्य बीकानेर की सांस्कृतिक एकता और पारंपरिक मूल्यों के प्रति समर्पण को दर्शाता है।




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