इलेक्ट्रोपैथी मानव जीवन के लिए वरदान --- डॉ अनुराग जटिया ।
उमेश कुमार मोदी। सिटी एक्सप्रेस न्यूज।ब्यावर ।शहर जो राजस्थान में तिलपट्टी के नाम से अभिभूत है साथ ही देखा जाए तो वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मनुष्य अपने भागमभाग की जिंदगी में अपने स्वयं को भी भुला चुका है साथ ही यह कहने में लेश मात्र भी संदेह नहीं होना चाहिए कि मनुष्य कितना भी भागे जब तक वह शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है तब तक आनंदमय जीवन से लाखों कोसों दूर ही परिलक्षित नजर आएगा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मनुष्य अनेक प्रकार की बीमारियों से रोग ग्रस्त ही नजर आता है जिसका परिणाम यह है कि वे प्रतिदिन एलोपैथी के इर्द-गिर्द ही घूमता हुआ दिखाई देता है आज कलमकार का दृष्टांत एक ऐसे चिकित्सा पद्धति की ओर संकेत कर रहा है जो हर्बल दवाइयों से निर्मित चिकित्सा पद्धति है अर्थात जिसको हम इलेक्ट्रोपैथी के नाम से जानते हैं ।यह एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो मनुष्य को न केवल स्वस्थ रखती है अपितु उसे तंदुरुस्त भी रखती है इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति एक ऐसा रहस्यमाय ज्ञान है जिससे यदि सरोकार हो जाए निसंदेह मानव जीवन आनंद से तिरोहित हो जाएगा जब कलमकार इलेक्ट्रोपैथी के
चिकित्सक डॉक्टर अनुराग जटिया से रूबरू हुए तो उन्होंने इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा के ज्ञान के ऐसे तत्वों से सरोकार करवाया जिसको सुनकर कोई भी आम व्यक्ति अपने दांतो तले उंगली दबाने के लिए विवश हो ही जाता है डॉ अनुराग जटिया का कहना है कि इलेक्ट्रोपैथी की सभी औषधीय वनस्पति जगत एवं पेड़ पौधों से निर्मित होती है और (लिक्विड) तरल रूप में है साथ ही उनका यह भी कहना है कि अन्य पद्धतियों में औषधियों का निर्माण पादप जगत के अलावा खनिज, लवण, जीव जंतु तथा संश्लेषित रसायनों द्वारा होता है जिनका मानव शरीर पर हानिकारक दुष्प्रभाव पड़ता है परंतु इलेक्ट्रोपैथी एकमात्र चिकित्सा पद्धति है जिसकी समस्त औषधियां पूर्णतया पेड़ पौधों से निर्मित होती है जिसका मानव शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं है अथवा हम यह कह सकते हैं कि नो साइड इफेक्ट है इलेक्ट्रोपैथी दवाइयों की विशेषता यह है कि ये अपना प्रभाव शीघ्र दिखाती है, दवाइयां रोगों को जड़ मूल से मिटाती है,दवाइयां लेने में बहुत सरल है साथ ही इन दवाइयों से शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है डॉ अनुराग जटिया का यह भी कहना है कि इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा से बिना ऑपरेशन के बच्चेदानी की गांठ का इलाज, जोड़ों एवं घुटनों के दर्द का इलाज , माइग्रेन, किडनी स्टोन, पाइल्स, हृदय रोग, शुगर , चर्म रोग जिसमें चेहरे के दाग,धब्बे, फोड़े फुंसी, सफेद दाग ,आंखों के नीचे काले घेरे, दाद ,खुजली, एलर्जी रोग, जोड़ों का रोग,नाड़ी रोग स्त्री पुरुष गुप्त रोग, खून की कमी, श्वास रोग, दमा , टीबी इत्यादि जैसी गंभीर समस्याओं से निदान पाया जा सकता है वास्तव में देखा जाए तो वर्तमान परिपेक्ष में इलेक्ट्रोपैथी पद्धति गंभीर से गंभीर रोगों के निदान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है जब कलमकार ने यह पूछा कि वर्तमान परिपेक्ष में लोग एलोपैथी की ओर दौड़ रहे हैं आपकी इलेक्ट्रोपैथी पद्धति चिकित्सा में दिलचस्पी होने के पीछे मूलभूत कारण क्या रहा है तब डॉक्टर अनुराग का कहना है कि इलेक्ट्रोपैथी पद्धति चिकित्सा
में आने के पीछे मूलभूत कारण यह है कि ये एक ऐसी चिकित्सा है जिसमे त्वरित गति से रोगी को इलाज मिलता है शीघ्र गंभीर से गंभीर रोगों से रोग मुक्त हो जाता है साथ ही शुरू से ही प्राकृतिक औषधियों के प्रति दिलचस्पी होने के कारण इन्होंने इलेक्ट्रोपैथी पद्धति चिकित्सा को चुना जहां गंभीर से गंभीर रोगों का इलाज संभव है एक तरह से उक्त पद्धति काल के मुंह में गए हुए व्यक्ति को भी जीवन दान दे देती है हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी औषधियों और वनस्पतियां के कई रहस्यमय ज्ञान देखने को मिले हैं साथ ही वर्तमान में डॉ अनुराग एक ऐसी शख्सियत है जिन्होंने कोरोना काल में बहुसंख्यक व्यक्तियों कोरोनावायरस से निजात दिलाई जिसमें इन्होंने इलेक्ट्रोपैथी पद्धति से कार्य किया इसके साथ ही डॉक्टर श्री जटिया राजकीय अमृतकौर रोड स्थित श्री महावीर इलेक्ट्रोपैथी क्लिनिक पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं वास्तव में देखा जाए तो वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह इलेक्ट्रोपैथी पद्धति मानव जीवन के लिए वरदान बनी हुई है




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